Eye Flu(आँखो का फ्लू) का बढ़ता खतरा: जागरूकता और सावधानियाँ

सिंघई रचित जैन

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Eye Flu

हमारी आँखें शरीर के सबसे आकर्षक हिस्से न केवल हैं, बल्कि सबसे विशेष भी। हमारे शरीर में इनका महत्व तभी समझा जा सकता है जब तक हमारी आँखों की दृष्टि सही और सलामत होती है। दृष्टि एक ऐसा माध्यम है, जिससे मनुष्य प्रकाश की किरणों की संवेदना, वस्तुओं का स्वरूप, दूरी, रंग आदि को अनुभव करता है। आँखों का संरक्षण शरीर के अन्य अंगों के साथ बराबर महत्वपूर्ण है, और अगर हम इनका सावधानीपूर्वक ख्याल नहीं रखते, तो हमारी सुंदर आँखें खराब हो सकती हैं।

क्या है कंजंक्टिवाइटिस या Eye Flu(आँखो का फ्लू):

Eye Flu एक ऐसी बीमारी है जो इन्फेक्शन से आंखों को संक्रमित करती है।. इस बीमारी में आंख की झिल्ली (जो आंख को ढकती है) में संक्रमण होता है।. इसे कंजंक्टिवाइटिस या PINK EYE या आँख आना भी कहा जाता है. आई फ्लू (Eye Flu) का वायरस किसी को भी संक्रमित कर सकता है।

कंजंक्टिवाइटिस या Eye Flu के लक्षण

  1. आँखे लाल होना
  2. आँखों में खुजली होना
  3. आँखों से धुधला दिखाई देना
  4. आँखों से पानी आना
  5. आँखों में दर्द होना
  6. यह लक्षण पहले एक आँख में दिखाई देता है, लेकिन सावधानी नहीं बरतने पर दूसरी आँख में भी फैल सकता है।
  7. कंजंक्टिवाइटिस की गंभीर स्थिति में कुछ रोगियों की आँख से खून भी निकल सकता है।
  8. कंजंक्टिवाइटिस होने का एक बड़ा लक्षण आँखों से हरा या सफेद चिपचिपा द्रव निकलने से पलके चिपकना है ।
  9. फोटोफोबिया (धूप या तेज रोशनी से एलर्जी)

यदि आपको कॉन्जंक्टाइवाइटिस या Eye Flu हुआ है, तो इसके घरेलू उपचार को शुरू करने से पहले निम्नलिखित बिंदुओं का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यह अलग और अनोखे लक्षण हैं:

  1. दूसरे व्यक्ति से हाथ नहीं मिलाना चाहिए।
  2. आंखों को हाथ से नहीं रगड़ना चाहिए।
  3. यदि बच्चों की आंखों में हो गया हो, तो उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहिए।
  4. आंखों को कम से कम तीन-चार बार गुनगुने पानी से धोना चाहिए।
  5. तीन-चार दिन रोगी को आराम करना चाहिए।
  6. किसी दूसरे के साथ तौलिया, रुमाल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

ये सावधानियां आपके आई फ्लू(Eye Flu) के सही इलाज को सुनिश्चित करेंगी और आपको शीघ्र स्वस्थ करने में मदद करेंगी।

कंजंक्टाइवाइटिस आई या फ्लू(Eye Flu) का घरेलू इलाज

  1. गुलाब जल: गुलाब के जल से आँखों को धोने से आँखों के इन्फेक्शन कम हो जाता है। गुलाब के जल की दो बूंद आँखों में लगाएं और इसे रोजाना दिन में दो बार करने से कंजंक्टाइवाइटिस की समस्या खत्म हो सकती है।
  2. गर्म पानी: हल्के गर्म पानी के इस्तेमाल से आँखों को धोने से आँखों पर जमने वाली गंदगी हट जाती है। गर्म पानी को किसी बर्तन में निकालकर हल्का ठंडा करें और उस हल्के गर्म पानी से आप सीधे अपने आँखों को धो सकते हैं, जिससे आँख में जमी धुली गंदगी बाहर आ जाएगी।
  3. आंवले का रस: 3 से 4 आंवले के फल के गूदे को पीसकर उसका रस निकालें। एक ग्लास पानी में उस रस को मिलाकर पिएं। आंवले के रस को सुबह खाली पेट में और रात में सोने से पहले दिन में दो बार इस्तेमाल करें। आँखों में संक्रमण होने पर आंवले का रस पीने से भी लाभ मिलता है।
  4. शहद और पानी का उपयोग: एक ग्लास पानी में 2 चम्मच शहद को मिला लें। फिर उस जल को अपने हाथों से तेज झटकों के साथ खुली आँखों में मारें।
  5. पालक और गाजर का रस: पालक के 4 या 5 पत्ते को पीसकर उसका रस निकालें। 2 गाजर को भी पीसकर रस निकालें।आधे कप पानी को एक ग्लास में डालकर गाजर और पालक के रस को मिलाकर पिएं। यह हर दिन करने से आँखों में संक्रमण कम होता है। आँखों के संक्रमण में पालक और गाजर का रस बहुत फायदेमंद है।, क्योंकि इनमें पाए जाने वाले विटामिन आँखों के लिए काफी महत्वपूर्ण होते हैं।
  6. गर्म पानी और हल्दी : 2 से 3 मिनट तक 2 चम्मच हल्दी के पाउडर को गर्म करें। उस हल्दी को एक ग्लास गर्म पानी में मिला दें। रुई की मदद से आँखों को साफ करें। गर्म पानी में हल्दी को मिलाकर रुई से आँखों को पोंछना चाहिए।
  7. आलू: रात में सोने से पहले , एक आलू को अच्छे से पतले-पतले टुकड़ों में काट लें। उस कटे हुए आलू को अपने आँखों के ऊपर 10 मिनट तक लगा कर रखे फिर उसे उतार दें। आलू में स्टार्च अधिक मात्रा में होता है जिसके इस्तेमाल से आँखों के संक्रमण को ठीक किया जा सकता है।

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