Adani Group Mamla kya he : क्या है अडाणी ग्रुप का मामला ?

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Adani mamla kya he
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Adani Group Mamla kya he: अडाणी ग्रुप का मामला फिर से चर्चा में है। फाइनेंसियल टाइम्स में छपी OCCRP की रिपोर्ट से फिर से विपक्ष ने अडानी व मोदी सरकार पर निशाना साधा है।  
 
Adani Group Mamla kya he

अडाणी ग्रुप का मामला क्या है ?(Adani Group Mamla kya he)

Adani Group Mamla kya he: अडाणी ग्रुप का मामला फिर से चर्चा में है। OCCRP की रिपोर्ट के अनुसार “अडाणी ग्रुप ने अपने शेयर्स का मूल्य बढ़ाने के लिए अपने शेयर्स स्वयं ही खरीद लिए। और यह काम गौतम अडाणी के भाई विनोद अडाणी ने किया था। “
OCCRP की यह रिपोर्ट फाइनेंसियल टाइम्स में छपी तथा उन्होंने यह भी दावा किया कि अडाणी के लिए यह काम 360 वन नाम कि कंपनी ने किया है।

पर 360 वन ने अपना स्पष्टीकरण देते हुए कहा है , कि “वे दो फंड्स मैनेज करते है , पहला Emerging India focus Fund” तथा दूसरा “EM Resurgent Fund” और इन दोनों ही फंड्स ने ही अडानी ग्रुप में निवेश नहीं किया है। 360 वन ने ये भी कहा है कि 2018 के बाद से उन्होंने अडाणी ग्रुप में निवेश नहीं किया है।

“प्रथम दृष्ट्या कोई भी नियमों का उल्लंघन नहीं दिखता है।”: सुप्रीम कोर्ट

Adani Group News Analysis In Hindi : कुछ महीनों पहले ही हिंडनबर्ग कि एक रिपोर्ट आई थी जिसम भी कुछ इसी तरह के आरोप अडाणी ग्रुप पर लगाए गए थे। जिसके बाद बहुत हंगामा हुआ था यहाँ तक कि संसद भी नहीं चलने दी गई थी। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज कि अध्यक्षता में एक कमिटी बनाई गई थी। कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि प्रथम दृष्ट्या कोई भी नियमों का उल्लंघन नहीं दिखता है।

क्यों है अडाणी ग्रुप निशाने पर ? Adani Group News Analysis In Hindi

  • द इकनोमिक टाइम्स कि मार्च 2022 कि रिपोर्ट के अनुसार अडाणी ग्रुप के पास 41000 करोड़ रूपये के 14 प्रोजेक्ट्स हो गए थे जो 5000 किलोमीटर से अधिक रोड बनाने के थे। और ये सड़क भारत के 10 राज्यों में थे जिनमे गैर भाजपा शासित प्रदेश भी शामिल हैं। इनके अलावा 7 एयरपोर्ट भी अडाणी ग्रुप द्वारा बनाए गए है।
  • भारत ने 2030 तक रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) का लक्ष्य 500 गीगा वॉट का है। जिसमे से 45 गीगा वॉट का लक्ष्य केवल अडाणी ग्रुप करने वाला है। और इन्ही प्रोजेक्ट्स के कारण अडाणी ग्रुप विश्व का सबसे बड़ा विंड-सोलर एनर्जी ग्रुप बन चूका है।
  • इसके अलावा अडाणी ग्रुप रेल और मेट्रो के प्रोजेक्ट्स भी देखता है। और साथ ही अडाणी ग्रुप बिजली के क्षेत्र में भी है। अडाणी ग्रुप महाराष्ट्र , गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान , मध्यप्रदेश , छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में 15210 MW बिजली बनाकर , सप्लाई करता है।
  • अडाणी ग्रुप भारत के 12 बंदरगाहों को ऑपरेट करता है। जहाँ से इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट होता है।
  • अडाणी ग्रुप एशिया के सबसे बड़े स्लम(झुग्गी झोपड़ी) कहे जाने वाले मुंबई के धारावी का पुनर्निर्माण एक आधुनिक सिटी हब के रूप में कर रहा है।
  • अडाणी ग्रुप जितने भी क्षेत्रों में कार्य कर रहा है , उससे भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर(आधारभूत संरचना) मजबूत हो रहा है। और इसके लिए अडाणी ग्रुप कुछ पैसे स्टॉक मार्केट से भी लेता है। अगर अडाणी के स्टॉक्स निचे जाएंगे तो भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर बनने कि गति कम होगी जिससे कि भारत कि आगे बढ़ाने कि गति भी कम होगी क्योंकि किसी भी देश के आर्थिक विकास के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर का मजबूत होना बहुत ही जरुरी है।
  • अगर अच्छी सड़कें और हाइवेज बनाते हैं तो इससे माल एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचने में कम खर्च आता है। और इससे सामान की कीमतें भी ज्यादा नहीं बढ़ती है। तथा अन्य व्यवसाय भी देश में आता है , जिससे की देश का विकास होता है।
  • इतना ही नहीं अडाणी ग्रुप चीन को काउंटर करने के लिए जगह जगह पोर्ट(बंदरगाह) भी बना रहा है। चीन ने श्रीलंका के हम्बनटोटा पोर्ट पर अपना मिल्ट्री बेस स्थापित किया है वहीं , अफ्रीका के जिबौती में भी उसका सैन्य अड्डा स्थापित है। साथ ही चीन पाकिस्तान के गवादर पोर्ट पर भी अपना सैन्य अड्डा बना रहा है। इससे चीन भारत को तीन तरफ से अटैक कर सकता है।
  • अब इसके जवाब के लिए अडाणी ग्रुप भारत की अप्रतक्ष्य रूप से मदद कर रहा है। अडाणी ग्रुप, श्रीलंका के कोलंबो में पोर्ट बनाता जिससे चीन के हम्बनटोटा पोर्ट का जवाब माना जाता है। इसी प्रकार अडाणी ग्रुप, तंज़ानिया और मोज़ाम्बिक में भी पोर्ट्स बनाता है। जससे की भारत, चीन के जिबोती सैन्य अड्डे को काउंटर कर सकता है।
  • इसी तरह चीन ने इजिप्ट और ग्रीस में पोर्ट बनाए तो अडाणी ग्रुप ने भी वहाँ पोर्ट्स बनाने की डील कर ली। इसी प्रकार चीन को काउंटर करने के लिए अडाणी ग्रुप, भारत की अप्रत्यक्ष रूप से मदद कर रहा है।
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क्या असर होता है ऐसी रिपोर्ट्स से ?

स्टॉक मार्केट अफवाहों के आधार पर बहुत जल्दी रिएक्ट करता है। ऐसी रिपोर्ट्स निवशकों के विश्वास को डगमगाती है। इससे न सिर्फ किसी भारतीय कंपनी को नुकसान पहुँचता है, बल्कि जो विदेशी कंपनियां भारत में निवेश करना चाहती हैं वे भी निवेश करने में हिचकिचाती है।

निष्कर्ष: Adani Group News Analysis In Hindi

हम चीन से भारत कि तुलना करते हैं , और कहते हैं कि हम चीन से आर्थिक रूप से बहुत पीछे है। लेकिन अगर देखा जाए तो चीन ने भारत से काफी पहले ही इस बात पर ध्यान दिया, और अपना इंफ्रास्ट्रक्चर काफी तेज गति से डेवलप किया। क्या हमें भी अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है?

और जो कम्पनी यह कार्य करने में सक्षम है उस पर इस प्रकार हमले विदेशी करते हैं तो समझ आता है लेकिन हमारे ही देश के कुछ लोग इन अफवाहों को सच बनाने में लगे हुए हैं। अगर अडाणी ग्रुप दोषी है तो इसका निर्णय सुप्रीम कोर्ट करेगा और वह सर्वमान्य भी होगा।

अगर अडाणी ग्रुप ने कुछ भी गलत किया है तो इसका निर्णय न्यायालय करेगा , लेकिन देश के लोगों को विदेशी रिपोर्ट्स खासकर OCCRP जो की जॉर्ज सोरोस द्वारा फंडेड एक संस्था है। और ये वही जॉर्ज सोरोस है जिसने इंग्लैंड की इकनोमी को बर्बाद कर दिया था जिससे इंग्लैंड की जनता पर ही सबसे ज्यादा बोझ आया था।

क्या हम भी उसी तरह एक ऐसे इंसान की संस्था की बात मानेंगे जो घोषित रूप से भारत विरोधी है। अगर यह व्यक्ति अपने उद्देश्य में सफल होता है , तो न सिर्फ हमारे देश की प्रगति की रफ़्तार धीमी होगी बल्कि हमारा देश कई दशक पीछे चला जाएगा। और अगर यह व्यक्ति सफल होता है , तो ये यही नहीं रुकने वाला फिर इसका मनोबल बढ़ेगा और ये हमारे देश को अपने फायदे के लिए अन्य तरीकों से नुकसान पहुंचाएगा।

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